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हो सकते हैं ब्रेन स्ट्रोक के शिकार, दिनचर्या मैं अगर कर रहे है ये गलती…

Brain Stroke : रोजाना सुबह स्नान करके दिन की शुरुआत करना लोगों की सामान्य दिनचर्या होती है. लेकिन अगर आप गलत तरीके से स्नान कर रहे हैं तो आपको ब्रेन स्ट्रोक का बड़ा खतरा है. ऐसा करने से आपकी जान भी जा सकती है.

Brain Stroke: देश में पिछले एक महीने से जारी कड़ाके की सर्दी से ब्रेन स्ट्रोक (Brain Stroke) के मामले भी बढ़ गए हैं. इसके चलते कई लोगों को अपनी जान भी गंवानी पड़ी है. डॉक्टरों के मुताबिक ब्रेन स्ट्रोक की बड़ी वजहों में से एक हमारा गलत तरीके से नहाना भी है.

 

दिमाग पर असर डाल रहा लुढ़कता पारा

डॉक्टरों के मुताबिक इन दिनों लुढ़कता हुआ पारा सीधे दिमाग पर असर डाल रहा है. कई लोग कड़ाके की सर्दी में भी ठंडे पानी से नहा रहे हैं. उनमें से कई लोग नहाना शुरू करते ही सीधे सिर पर पानी डालते हैं. दिमाग एकदम से ठंडे पानी को सहन करने के लिए तैयार नहीं होता. ऐसे में जब सिर पर अचानक ठंडा पानी गिरता है तो ब्रेन स्ट्रोक (Brain Stroke) होने या सिर की नस फटने का खतरा बढ़ जाता है.

 

सर्दियों में बढ़ जाते हैं स्ट्रोक के मामले

मेडिकल एक्सपर्ट का कहना है कि वैसे तो स्ट्रोक (Brain Stroke) कभी भी हो सकता है लेकिन सर्दियों में ब्रेन स्ट्रोक के मामले काफी बढ़ जाते हैं. डायबिटीज, हाई बीपी और हार्ट की बीमारी से जूझ रहे लोगों को ब्रेन स्ट्रोक या ब्रेन हैमरेज (Brain Hemorrhage) का खतरा ज्यादा रहता है. ऐसे में इन लोगों को सर्दियों में ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होती है. इन्हें भूलकर भी ठंडे पानी से नहीं नहाना चाहिए.

 

स्ट्रोक के लक्षणों को न करें इग्नोर

 

डॉक्टरों के मुताबिक सर्दियों में एकदम ठंडे पानी में नहाने से बचें. हो सके तो पानी को हल्का गर्म कर लें. नहाते वक्त पानी को सबसे पहले पैरों पर डालें, उसके बाद हाथों पर, फिर धड़ पर और अंत में सिर पर पानी डालें. इसके बावजूद अगर ब्रेन स्ट्रोक (Brain Stroke) के लक्षण दिखाई दें तो मरीज को नजदीक के अस्पताल ले जाने में देर न करें. इस काम में थोड़ी सी भी देरी मरीज की जान को बड़ा खतरा पैदा कर सकती है.

 

ये होते हैं ब्रेन स्ट्रोक (Brain Stroke) के लक्षण

 

– शरीर के किसी हिस्से में सुन्नपन का अहसास

 

– आंखों से साफ न देख पाना

 

– शरीर पर चीटियों के दौड़ने या कमजोरी महसूस होना

 

– सिर में दर्द, उल्टी आना या जी मिचलाना

 

– बोल पाने या समझ पाने में परेशानी होना

 

– सांस लेने में तकलीफ होना

 

– ब्रेन में ब्लीडिंग होने से बेहोश हो जाना

 

इन्हें होता है ज्यादा खतरा

 

– हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को

 

– 55 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को

 

– डायबिटीज के रोगियों को

 

– माइग्रेन या एनीमिया के पीड़ितों को

 

– मोटापे से जूझ रहे लोगों को

 

ब्रेन स्ट्रोक (Brain Stroke) से ऐसे करें बचाव 

 

– ठंड में नंगे पैर फर्श या घास पर न चलें

 

– नमक का इस्तेमाल कम कर दें

 

– शरीर में पानी की कमी न होने दें

 

– हमेशा गर्म या गुनगुना पानी ही पिएं

 

– स्मोकिंग या शराब का सेवन न करें

 

– हाई बीपी और शुगर की दवा लेते रहें

 

 

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